बहुचर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) घोटाले में अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग को लेकर श्रीनगर से देहरादून गईं पीड़ित महिलाओं ने पुलिस पर उन्हें पूरे दिन और रात बस में बैठाकर इधर-उधर घुमाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया और रातभर पुलिस लाइन में बस के भीतर ही रखा गया। शनिवार सुबह उन्हें ऋषिकेश कोतवाली लाकर वापस भेजने की बात कही गई, जिसके विरोध में महिलाएं बस में ही धरने पर बैठ गईं।पीड़ितों का नेतृत्व कर रही सरस्वती देवी ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह करीब 10 महिलाओं के साथ देहरादून के लिए बस से रवाना हुई थीं। दोपहर करीब एक बजे सभी महिलाएं सीबीआई कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने अधिकारियों को अपनी शिकायत से अवगत कराया। इसके बाद उनका कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास जाकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का था।आरोप है कि दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने उन्हें सीएम आवास जाने से पहले ही रोक लिया और जबरन बस में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई। वहां उन्हें पूरी रात बस के अंदर ही रखा गया। शनिवार तड़के करीब चार बजे पुलिस उन्हें ऋषिकेश कोतवाली लेकर पहुंची और वापस घर लौटने को कहा। इस पर महिलाओं ने विरोध जताते हुए बस से उतरने से इन्कार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गईं।अरुणा भट्ट, गंगा भंडारी व बीना रावत आदि ने कहा कि वह किसी प्रकार का प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने नहीं गई थीं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रही थीं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक बस में घुमाया, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हुईं। पीड़ितों का कहना है कि जब तक उनकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई और सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।