श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्विद्यालय का एक मात्र परिसर जहां व्यवस्थाओं का अभाव है। नए सत्र का प्रवेश शुरू हो चुका है, लेकिन परिसर की बदहाली देखकर छात्र-छात्राएं यहां प्रवेश लेने से कतरा रहे हैं। दरअसल बारिश में महाविद्यालय परिसर में जलभराव हो रहा है। कला और विज्ञान संकाय की ओर जाने वाले मार्ग में कीचड़ भरा है। जिससे छात्र-छात्राओं को आवागमन करने में परेशानी हो रही हैं।
दरअसल महाविद्यालय में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। बीते दो दिनों से क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण महाविद्यालय परिसर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ट्रंचिंग ग्राउंड का सारा कूड़ा बरसाती पानी के साथ बहकर विज्ञान संकाय के आसपास भरा पड़ा है, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। जलभराव के कारण परिसर की दीवार भी टूटकर गिर गई। गनीमत रही कि इस वक्त यहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
प्राचार्य को कई बार महाविद्यालय में जलभराव की समस्या से अवगत कराया जा चुका है। प्राचार्य ने नगर निगम को अवगत भी कराया, लेकिन फिर भी समस्या जस की तस है।
अभय वर्मा, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि
महाविद्यालय परिसर की सफाई के लिए नगर निगम को ज्ञापन सौंपा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
केशव पोरवाल, उपाध्यक्ष छात्रसंघ
बरसात के पानी के साथ ट्रंचिंग ग्राउंड का कूड़ा विज्ञान संकाय में जमा हो रहा है। जिससे वहां दुर्गंध आती हैं। कक्षा में बैठना मुश्किल हो जाता है।
अमन पांडेय, छात्र।
श्रीदेव सुमन के एकमात्र कैंपस में सफाई कर्मचारी की संख्या समिति है, जिससे परिसर में ठीक से सफाई नहीं हो पा रही है। जिसका खामियाजा महाविद्यालय में आ रहे छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
दीपिका, छात्रा
बरसात के करण बीएसी परिसर की छतों से पानी टपक रहा हैं, जिससे छात्रों में पढ़ाई के दौरान छत गिरने का डर सता रहा है।
बबीता छात्रा
महाविद्यालय परिसर में जलभराव के बारे में नगर निगम को अवगत कराया गया, नगर निगम के कर्मचारियों की ओर से आधी अधूरी सफाई की गई है, लेकिन लगातार बारिश होने के कारण फिर से जलभराव हो गया है। परिसर में जलभराव के कारण टूटी दीवार को बनाने के लिए मजदूर लगाए गए हैं।
प्रो. एमएस रावत प्राचार्य, महाविद्यालय