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I- एनएच धुमाकोट के अधीन है मोटरमार्गI
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड धुमाकोट की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। आठ माह बाद भी एनएच डिवीजन घट्टूगाड सिलोगी मोटरमार्ग पर बरसात में टूटे पुश्ते नहीं लग पाया है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर लोग सफर करने को मजबूर हैं। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
घट्टूगाड सिलोगी मोटरमार्ग रखरखाव के लिए तीन साल से एनएच धुमाकोट के अधीन है। एनएच धुमाकोट ने करोड़ों रुपये खर्च कर मोटरमार्ग का डामरीकरण करने के साथ ही सीसी स्कपर डाले थे। लेकिन उसके बाद भी हाईवे की स्थिति नहीं सुधरी। जून-जुलाई के बरसात में करीब 10 से अधिक पुश्ते टूट गए थे, लेकिन एनएच धुमाकोट पुश्ते नहीं लगा पाया।
कई स्थानों पर टूटे पुश्ते के कारण मोटरमार्ग खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। मोटरमार्ग के किनारे की झाड़ी भी नहीं काटी गई है। बरसात में जिन स्थानों पर गदेरे में उफान आने से सड़क खराब हुई थी उन स्थानों पर भी सड़क की स्थिति सुधारने की कोई कोशिश नहीं की गई। ऐसे में इस मोटरमार्ग पर सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
I11 फरवरी से घट्टूगाड में धरना शुरू करेंगे लोगI
एनएच धुमाकोट की ओर से घट्टूगाड सिलोगी मोटरमार्ग के टूटे पुश्ते न लगाने, मोटरमार्ग का रखरखाव ठीक ढंग से न करने के विरोध में स्थानीय लोग 11 फरवरी से घट्टूगाड में प्रदर्शन कर अनिश्चतकालीन धरना शुरू करेंगे। स्थानीय निवासी कलम सिंह राणा, महिमानंद, जगमोहन बिष्ट, विनोद जुगलान, वेद सिंह, अरुण जुगरान ने कहा कि एनएच धुमाकोट की लापरवाही से घट्टूगाड सिलोगी मोटरमार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। क्षतिग्रस्त मोटरमार्ग की सुध नहीं ली जा रही है। स्थानीय लोग 11 फरवरी को घट्टूगाड में हाईवे जाम कर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
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Iघट्टूगाड सिलोगी मोटरमार्ग के टूटे पुश्ते लगाने, सड़क की स्थिति सुधारने के लिए 3.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से बजट मिलने के बाद ही मोटरमार्ग की स्थिति सुधारी जाएगी। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता एनएच धुमाकोटI