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Iकई मरीजों ने बाल रोग और सर्जन की ओपीडी में कराया इलाजI
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। अस्पताल में फिजीशियन के दो पद सृजित हैं, लेकिन एक साल से एक ही फिजीशियन के भरोसे अस्पताल चल रहा है। मौसमी बदलाव के बाद अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ा है। बुधवार को एकमात्र फिजीशियन भी अवकाश पर रहे। जिससे मरीजों को फजीहत झेलनी पड़ी। फिजीशियन की ओपीडी का दरवाजा बंद देख अधिकतर मरीज लौट गए। हालांकि, कुछ मरीजों ने सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में इलाज करवाया।
मौसमी बदलाव के कारण सरकारी अस्पताल में इन दिनों सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। अस्पताल में औसतन 300 से अधिक ओपीडी पहुंच रही है। बुधवार को भी पंजीकरण काउंटर पर करीब 300 मरीजों ने ओपीडी का पर्चा बनाया। इनमें अधिकतर मरीज फिजीशियन की ओपीडी के मरीज थे। जैसे ही मरीज फिजीशियन की ओपीडी पहुंचे तो दरवाजा बंद देख पूछताछ करते रहे। कई मरीज तो दरवाजा खुलने के इंतजार में बाहर ही बैठ गए। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर फिजीशियन के अवकाश पर होने की जानकारी मिलने पर निराश होकर वापस लौट गए। अस्पताल में मरीज इधर से उधर भटकते रहे। कुछ मरीजों ने बाल रोग विशेष और सर्जन की ओपीडी में जाकर परामर्श लिया। मरीजों को तात्कालिक तौर पर दवा देकर बृहस्पतिवार को फिजीशियन की ओपीडी में आने की सलाह दी गई।
Iपद दो सृजित, लेकिन तैनाती एक ही फिजीशियन कीI
अस्पताल में फिजिशियन के दो पद सृजित हैं। लेकिन तैनाती एक ही फिजीशियन की है। एक साल पहले एक अस्थायी फिजिशियन की तैनाती की गई थी। मार्च 2023 में उनका अनुबंध खत्म हो गया। इसके बाद से दूसरे फिजीशियन की तैनाती नहीं हो सकी। इससे अस्पताल में एकमात्र फिजीशियन की ओपीडी में मरीजों का दबाव रहता है। उनके आकस्मिक अवकाश पर जाने से व्यवस्था लड़खड़ा जाती है।
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Iअस्पताल में फिजीशियन का एक पद खाली है। फिजीशियन की तैनाती करने के लिए शासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। शासन स्तर से ही तैनाती होनी है। - डाॅ. प्रदीप कुमार चंदोला, सीएमएसI