डोईवाला। कथाव्यास राम उपाध्याय महाराज ने कहा कि मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए। पद, प्रतिष्ठा, धन और शक्ति स्थायी नहीं है। जब मनुष्य इन उपलब्धियों को अहंकार समझकर अभिमान करने लगता है तो उसका विवेक समाप्त हो जाता है। गार्डन कॉलोनी में श्रद्धालुओं की ओर से आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह में प्रवचन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला हमें सिखाती है कि वास्तविक महानता दूसरों की रक्षा करने, उनकी सहायता करने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निवर्हन करने में है। भगवान की गोवर्धन लीला ने इंद्र का अहंकार तोड़ दिया। अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों नह हो, अंतत: सत्य और धर्म के सामने टिक नहीं सकता। धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है। सच्चा धर्म वह है, जिसमें मनुष्य के हदय में दूसरों के लिए करूणा हो। इस दौरान मनोज पांडे, अवधेश कुमार, विजय शर्मा, रोशन, सतेंद्र त्यागी, आराध्या, सवित, नीलम शर्मा, दीपशिखा, बबीता, रामरती आदि मौजूद थे।