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Rishikesh News: जिस परिवार से सैनिक निकलते हैं वह परिवार पूज्यनीय होता

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परशुराम चौक पर शहीद प्रदीप रावत की पांचवीं पुण्यतिथि मनाई गई
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पुरानी चुंगी के समीप परशुराम चौक पर शहीद प्रदीप रावत की पांचवीं पुण्यतिथि मनाई गई। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनका स्मरण किया। कहा कि जिस परिवार से सैनिक निकलते हैं वह पूजनीय होता है।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे कोई भी चुनौती क्यों न हो, देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भारत शांतिप्रिय राष्ट्र है जो अपने सदियों पुराने मूल्यों में विश्वास करता है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्ध है। लेकिन अपने हितों की रक्षा के लिए हम नियंत्रण रेखा पार करने में संकोच नहीं करेंगे।
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कहा कि पहले देश और सशस्त्र बलों में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने इस कमी को दूर कर दिया है। हम अपनी सेनाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस मौके पर शहीद की माता उषा देवी, पिता कुंवर सिंह रावत, पत्नी नीलम, बेटी प्रतिष्ठा, बेटा प्रतीक, चाचा भगवान सिंह, वीर सिंह, बहनें अनिता, विनीता, सुषमा, सुमित पंवार, दिनेश सती, प्रतीक कालिया, प्यारे लाल जुगलान, सुरेन्द्र सिंह कैंतुरा, इंद्र कुमार गोदवानी, मेजर गोविंद सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत आदि शामिल रहे।
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10 अक्टूबर 1990 को शहीद हुए प्रदीप रावत

10 अक्टूबर 1990 को शहीद प्रदीप रावत का जन्म सैनिक कुंवर सिंह रावत के परिवार में हुआ। तीन बहनों के इकलौते भाई प्रदीप ने प्रारंभिक शिक्षा भगवती देवी पूर्णानंद महाराष्ट्र निवास सरस्वती शिशु मंदिर से की। 12वीं की परीक्षा श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से उत्तीर्ण की। 19 मार्च 2010 में सेना में उनका चयन हो गया। 10 अक्टूबर 2013 को स्पेशल फ्रन्टियर फोर्स में उनका चयन किया। दो अप्रैल 2017 में उनकी तैनाती उड़ी सेक्टर में हुई और 12 अगस्त 2018 को वह सीमा पर शहीद हो गए।
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