खदरी खड़कमाफ में थमने का नाम नहीं ले रहा हाथी का आतंक
काश्तकारों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश
ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ में हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसान रातभर जागकर खेतों में पहरा दे रहे हैं। उसके बावजूद भी हाथी खेतों प्रवेश कर काश्तकारों की धान की फसल को नष्ट कर रहा है। काश्तकारों ने वन विभाग से फसल सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाने की मांग की है।
बीते शुक्रवार रात खादर के किसान अपने खेतों में पहरा दे रहे थे। आधी रात को बारिश आ जाने के कारण काश्तकार वापस लौट गए। हाथी को भी जब खेत में किसी के न होने का आभास हुआ तो राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के समीप जंगल में छिपा हाथी खेतों में घुस आया और काश्तकारों की फसल नष्ट कर दी। शनिवार सुबह जब किसानों ने हाथी को देखा तो शोर मचाकर जंगल की ओर भगाया।
स्थानीय कृषक भगवान सिंह, राय सिंह ने कहा कि वनविभाग की ओर से फसल सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत शून्य नजर आ रही है। रात्रि गश्तदल का भी कहीं अता पता नहीं है। जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि हाथी राजाजी टाइगर रिजर्व के गोहरी रेंज से शाम ढलते ही गंगा पार करके खदरी की ओर प्रवेश करता है।
वन विभाग की रात्रि गश्त न होने से काश्तकारों की फसल चौपट हो रही है। इससे कृषकों की आर्थिकी प्रभावित हो रही है। ऋषिकेश रेंज अधिकारी देवेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि क्षेत्र में रात्रि गश्तदल तैनात है। ग्रामीणों की सूचना पर गश्ती दल हाथी को भगाने के लिए पहुंच जाता है।