आईएसबीटी-चंद्रभागा सड़क किनारे अतिक्रमण यातायात बाधित कर रहा है। अतिक्रमण के कारण सप्ताहांत में लंबा जाम लग जाता है। आसपास के व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। नवंबर में नगर निगम की ओर से कई अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया था, लेकिन निगम प्रशासन अतिक्रमण हटाना भूल गया है। आईएसबीटी-चंद्रभागा रोड पर सड़क किनारे पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए स्थानीय व्यापारी सुनील मेहता ने करीब दो महीने पहले तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। तहसील प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सीएम हेल्प लाइन में इसकी शिकायत की थी। सीएम हेल्प लाइन की शिकायत का संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने 20 नवंबर को करीब एक दर्जन से अधिक अतिक्रमण कारियों को नोटिस थमा दिया। दो सप्ताह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन निगम प्रशासन की ओर से अभी तक अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय व्यापारी सुनील मेहता ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। अतिक्रमण के कारण इस मार्ग पर व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों के घेरबाड़ के कारण सप्ताहांत के दौरान इस मार्ग पर घंटों जाम लगता है। बस अड्डा फेस-2 से भी नहीं हटाया अतिक्रमण : नगर निगम की ओर से बस अड्डा फेस-2 में भी दर्जनभर से अधिक व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन निगम प्रशासन का डंडा यहां भी नहीं चला। स्थानीय ट्रांसपोर्टर भोलादत्त जोशी ने बताया कि नगर निगम अतिक्रमण हटाने के बजाय अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। अतिक्रमण के कारण शहर की सुंदरता बदरंग हो रही है।