- मृत श्रमिकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सुरक्षा देने की मांग
- वैधानिक मुआवजा और बीमा राशि के अतिरिक्त हो एक करोड़ की सहायता
ऋषिकेश। चमोली जिले में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद मृत श्रमिकों के परिजनों को दिए जा रहे पांच लाख रुपये के मुआवजे को सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने अपर्याप्त बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड प्रत्येक मृत श्रमिक के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र में नौटियाल ने कहा कि सुरंग निर्माण जैसे उच्च जोखिम वाले कार्य में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के सामने हादसे के बाद आर्थिक संकट के साथ ही वर्षों तक आय का स्थायी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एक करोड़ रुपये को वैधानिक मुआवजे का विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए। यह राशि श्रमिकों के परिवारों को मिलने वाले वैधानिक मुआवजे, बीमा, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, लंबित वेतन, सेवा संबंधी बकाया और अन्य सभी वैधानिक अधिकारों के अतिरिक्त दी जाए। उन्होंने मांग की कि मृत श्रमिक के परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन कर दीर्घकालिक सहायता व्यवस्था भी बनाई जाए। पात्रता के आधार पर परिवार के कम से कम एक सदस्य को परियोजना में रोजगार दिया जाए। बच्चों की शिक्षा के लिए अलग सहायता देने पर भी विचार किया जाए। साथ ही घायल श्रमिकों को भी केवल उपचार तक सीमित न रखा जाए। गंभीर रूप से घायल और स्थायी रूप से प्रभावित श्रमिकों को उपचार, पुनर्वास, आय की क्षति और भविष्य की कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए उचित आर्थिक सहायता दी जाए।