12 परमार्थ निकेतन में ब्रह्मलीन महामण्डलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती को श्रद्धाजंलि देते स्वा
- फोटो : 1
परमार्थ निकेतन में ब्रह्मलीन हुए महामंडलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती को अंतिम विदाई दी गई। स्वामी असंगानंद बीते सोमवार को ब्रह्मलीन हो गए थे। मंगलवार को परमार्थ में शोकसभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में देशभर से आए संतों और विद्वानों ने स्वामी असंगानंद का स्मरण करते हुए अंतिम प्रणाम अर्पित किया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने भावुक होते हुए कहा कि दैवी सम्पद मंडल के एक युग का अंत हो गया। स्वामी असंगानन्द महाराज केवल परंपरा नहीं थे, वे सहिष्णुता, साधना, सेवा और ज्ञान की जीवित प्रतिमूर्ति थे। उनका जाना वास्तव में एक युग का जाना है। संतों ने कहा कि स्वामी असंगानन्द सरस्वती की वाणी में वेद-शास्त्रों की गहराई और संन्यास-मर्यादा का सौंदर्य था। उनके हृदय में हर जीव के लिए अपार करुणा और दयालुता थी। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन की प्रसिद्ध गंगा आरती पूर्णतः उनके श्रीचरणों को समर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा में मुमुक्ष आश्रम से स्वामी चिन्नमयानन्द सरस्वती, महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव महंत रविन्द्र पुरी महाराज, स्वामी ज्योतिर्मयानन्द सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द, साध्वी भगवती सरस्वती सहित अनेक संतों और साधकों ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।