विज्ञान वर्ग में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को अब आगे की पढ़ाई के लिए ऋषिकेश, कोटद्वार की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी को विज्ञान संकाय की मान्यता मिल गई है। इससे विज्ञान विषयों से स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। यमकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय से करीब आठ किमी पहले बिथ्याणी में वर्ष 2005 से महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय संचालित हो रहा है। वर्तमान में महाविद्यालय में कला संकाय संचालित हो रहा है। करीब 200 छात्र संख्या है, जिनमें 20 छात्र और 180 छात्राएं हैं।
विज्ञान संकाय न होने से विज्ञान विषयों की पढ़ाई करने के लिए छात्र-छात्राओं को ऋषिकेश और कोटद्वार के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मजबूरी में छात्र-छात्राओं को शहर में रिश्तेदार और किराये के कमरों में रहकर पढ़ाई करना पड़ता है। कई छात्र तो संसाधन के अभाव में पढ़ाई छोड़ देते थे। वहीं बहुत सारे छात्र-छात्राओं को न चाहते हुए विषय बदलना पड़ता था। अगस्त 2024 में महाविद्यालय को विज्ञान संकाय की मान्यता मिल गई है। जुलाई 2025 से पढ़ाई शुरू होगी। इससे छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी। अपने घर से पढ़ाई कर पाएंगे। विज्ञान संकाय में भौतिक, रसायन, गणित, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और कंप्यूटर साइंस विषय में छात्र-छात्राएं अध्ययन करेंगे। इन विषयों को पढ़ाने के लिए सहायक प्राध्यापक के छह पद स्वीकृत हो गए हैं। इसके अलावा चार प्रयोगशाला सहायक, चार प्रयोगशाला परिचर के पद सृजित हुए हैं।
महाविद्यालय को अगस्त 2024 में विज्ञान वर्ग की मान्यता मिल गई है। जुलाई 2025 से महाविद्यालय में विज्ञान संकाय में पढ़ाई शुरू की जाएगी। पदों का सृजन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए शासन प्रशासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। - प्रो. योगेश कुमार शर्मा, प्राचार्य, महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी