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I1.85 किमी क्षेत्र में 96 लाख रुपये की लागत से लगाया है तारजालI
चंद्रभागा नदी के किनारे करीब पौने दो किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तारजाल लगाने के कार्य में मानकों की अनदेखी की गई है। सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर की ओर से यह कार्य किया गया है। एंगल से तारजाल को कसने के लिए नट-बोल्ट की जगह जीआई तार से बांध दिया है। इससे स्थानीय लोग कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
अक्तूबर के शुरुआत में सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर ने 96 लाख रुपये की लागत से चंद्रभागा नदी किनारे ढालवाला से चौदहबीघा तक 1.85 किलोमीटर तारजाल लगाया था। तारजाल की ऊंचाई करीब आठ फीट है। ताल को सपोर्ट देने के लिए सीमेंट में एंगल लगाए गए हैं। एंगल को तारजाल से कसने के लिए 1.85 किलोमीटर क्षेत्र में नट-बोल्ट की जगह बारीक जीआई तार से बांध दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जाल को जिस बारीक जीआई तार से बांधा गया है वह जंक लगने के बाद टूट जाएगा। ऐसे में एंगल और तारजाल अलग-अलग हो जाएगा।
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Iसिंचाई विभाग नरेंद्रनगर की ओर से चंद्रभागा नदी के किनारे जो तारजाल लगाने का काम किया गया है वह सरकारी बजट की बंदरबांट है। अधिकारियों को मानक के अनुसार काम करना चाहिए। जल्द ही मानक के अनुसार काम नहीं होता है तो सेवानिवृत राजकीय पेंशनर्स सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर के ईई के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। - शूरवीर सिंह चौहान, अध्यक्ष राजकीय सेवानिवृत पेंशनर्स संगठन ढालवाला मुनि की रेती
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Iचंद्रभागा नदी किनारे सिंचाई विभाग की ओर से कार्य कराया जा रहा है। यदि तारजाल को एंगल से बांधने के लिए बारीक तार लगाई गई है तो उसे वेल्डिंग करवाकर मजबूत करवाया जाएगा। गुणवत्ता का ध्यान रखा जाएगा। - कमल सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग नरेंद्रनगरI