हर्रावाला। गढ़ जन आदर्श रामलीला कमेटी हर्रावाला के चौथे दिन के रामलीला के मंचन के दौरान कैकेयी दशरथ संवाद, राम लक्ष्मण सीता के वन गमन के प्रसंग को बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाया गया। कैकेयी दशरथ संवाद एक बेहद भावुक प्रसंग रहा, जहां एक ओर राजा दशरथ श्रीराम का राज्याभिषेक करने की तैयारी करते हैं, कैकेयी मंथरा के भड़कने पर कोप भवन में चली जाती है। एक तरफ तो श्रीराम के राजतिलक की तैयारी हो रही थी वहीं दूसरी ओर कैकेयी की ओर से राजा दशरथ द्वारा दिए गए तीन वचन में श्री राम को वनवास मांगती है। कैकेयी की जिद और राजा दशरथ के असहाय होने के इस मंचन को देखकर दर्शक भावुक नजर आए।रामलीला में मुख्य रूप से डॉ. दीप्ति रावत, राजपाल सिंह, रोशनलाल, डॉ.धीरेंद्र सिंह राणा, सुनील नौटियाल, मनवर सिंह नेगी, दिनेश प्रसाद खाली, गोपाल दत्त किमोठी, आचार्य हरीश खंतवाल, देवेंद्र छेत्री, प्रतिभा सेमवाल, सविता लखेड़ा आदि उपस्थित रहे।