नीलकंठ धाम में बुधवार को करीब छह लाख शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। अब तक करीब 65 लाख शिवभक्त जलाभिषेक कर चुके हैं। रात 9 बजे मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव का श्रृंगार किया जाता है। श्रृंगार के समय करीब आधे घंटे तक शिवालय के कपाट शिवभक्तों के लिए दर्शनार्थ बंद कर दिए जाते हैं। शिवलिंग का श्रृंगार होने के बाद रात करीब 9:30 बजे मंदिर के कपाट शिवभक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं, जो देर रात तक चलता रहता है।बुधवार को कोतवाली ऋषिकेश, थाना मुनि की रेती और थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मचारी कांवड़ यात्रा समाप्त होने से पहले ही अपने-अपने जनपदों की ओर रवाना हो गए। तिराहे और चौराहों पर लगी बैरिकेडिंग पर पुलिस कर्मचारी गायब रहे। थाना मुनि की रेती और थाना लक्ष्मणझूला की ओर एक भी पुलिस कर्मचारी, होमगार्ड और पीआरडी का जवान तैनात नहीं होने से जानकी सेतु पर दिनभर अव्यवस्थाएं रही। नीलकंठ पैदल और मोटर मार्ग दिनभर बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। नीलकंठ मोटर मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही कम होने से अपराह्न करीब 1:30 बजे टूरिस्ट टैक्सी ऑनर्स एसोसिएशन लक्ष्मणझूला के वाहनों का संचालन भी शुरू हो गया। इसके अलावा नगर क्षेत्र के शिवालय वीरभद्र महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव आदि शिवालयों में भी जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की भीड़ रही। बृहस्पतिवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रथम चरण होने के चलते कांवड़ मेले में तैनात अधिकांश पुलिस फोर्स गृह जनपदों की ओर रवाना हो गई।