क्रिकेट एसोसिएशन फाॅर द ब्लाइंड इन इंडिया के महासचिव शैलेन्द्र यादव ने परमार्थ निकेतन पहुंचकर गंगा आरती में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि कूड़ा इधर-उधर से बहकर गंगा में समा रहा है। जिससे गंगा प्रदूषित होने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कहा कि कूड़ा निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ी कई तरह की दिव्यांगता का शिकार होगी।
शैलेंद्र यादव ने कहा कि भारत की टीम बर्मिघम, इंग्लैंड में पहली बार होने वाले ब्लाइंड क्रिकेट में सहभागिता कर रही है। जिसमें विश्व के 70 देश शामिल हो रहे हैं। भारत की टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी। कहा कि इस पृथ्वी पर सब कुछ होना जरूरी है। दिव्यांगता भी इसमें एक है। पृथ्वी पर सूखा नहीं होगा तो जल का महत्व समझ में नहीं आएगा।
कहा पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले वास्तविक रूप से पर्वतों की रक्षा करते हैं, लेकिन जब पर्यटक पहाड़ों पर जाते हैं तो कचरा, प्लास्टिक छोड़कर आते हैं। पहाड़ों से प्लास्टिक नदियों से होकर किसी न किसी रूप में वापस हमारी रसोई से पेट पेट तक पहुंच जाता है। कहा कि हम कूड़ा और गंदगी फैलाएंगे तो हमारी पीढ़ियों को ही भुगतान होगा। इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया और शैलेन्द्र यादव को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।