ऋषिकेश। जीवनी माई मार्ग निवासी 87 वर्षीय संतोष गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं रहीं। लेकिन उनके परिजनों की ओर से कराए गए नेत्रदान के पुनीत कार्य से उनकी आंखें अब भी जीवित हैं और किसी जरूरतमंद को रोशनी देने का कार्य करेंगी। लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष और नेत्रदान कार्यकर्ता गोपाल नारंग ने बताया कि चार जून को धर्मपरायण एवं मां गंगा में अटूट आस्था रखने वाली संतोष गुप्ता का निधन हो गया। इस दुखद समय में भी उनके पुत्र राजेंद्र गुप्ता और सुनील गुप्ता ने धैर्यपूर्वक नेत्रदान का निर्णय लिया। उन्होंने इस निर्णय की जानकारी उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र को दी। जिनकी सूचना पर एम्स अस्पताल ऋषिकेश की नेत्रदान टीम से डॉ. कामना और संदीप गुसाईं उनके निवास पर पहुंची और मृतक के पार्थिव शरीर से दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए। मौके पर समाजसेवी अरविंद जैन, रवि राज मखीजा, राकेश रावल, अनिल कक्कड़, रमन नारंग, मन मोहन भोला आदि मौजूद रहे। संवाद