परमार्थ निकेतन में गंगा आरती के दौरान वीर सपूतों को दी गई श्रद्धांजलि। स्रोत परमार्थ मीडिया।
परमार्थ निकेतन में ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर सांध्यकालीन गंगा आरती में भारत मां के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को नमन किया गया।आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एक वर्ष पूर्व पहलगाम में हुआ आतंकी हमला केवल कुछ निर्दोष लोगों पर नहीं था, बल्कि भारत की शांति, हमारी संस्कृति, मानवता और राष्ट्रीय अस्मिता पर किया गया कायराना प्रहार था। आतंकवादियों ने यह समझने की भूल की कि भारत की सहनशीलता उसकी कमजोरी है, भारतीय सेना ने अपने साहस, अनुशासन और रणनीतिक क्षमता से यह स्पष्ट कर दिया कि नया भारत अन्याय और आतंक को सहन नहीं करता, बल्कि उसका दृढ़ और निर्णायक उत्तर देता है। ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र की सामूहिक चेतना और राष्ट्रीय संकल्प की अभिव्यक्ति था।