रायवाला के गोहरी माफी में आयोजित संत समागम में ज्ञान प्रचारक रविन्द्र बडोनी ने कहा कि दूसरे का दुख हरने जैसा दुनिया में कोई धर्म नहीं है। पीड़ितों को देखकर मन में करुणा दया जागे तो समझो ईश्वर निरंकार की सुप्रीम पावर परमात्मा के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा है।शुक्रवार को गोहरीमाफी में आयोजित संत समागम में पहुंचे ज्ञान प्रचारक रविन्द्र बडोनी ने कहा कि संत निरंकारी मिशन का एकमात्र उद्देश्य निरंकार परमात्मा से साक्षात्कार कराकर मानव जीवन का कल्याण करना है। इस दौरान संत महात्माओं ने भजनों और विचारों के माध्यम से संदेश दिया। कहा कि संत निरंकारी मिशन का एकमात्र उद्देश्य निरंकार परमात्मा से साक्षात्कार कराकर मानव जीवन का कल्याण करना है। संतों ने कहा कि ज्ञान के दिव्य चक्षु से संत-महात्माओं को संसार का हर एक प्राणी उत्तम और श्रेष्ठ दिखाई देता है। परमात्मा एक है। परमात्मा ही इस संसार को चलाने वाला है। बिना गुरु के परमात्मा नहीं मिल सकता। सिर्फ गुरु ही परमात्मा से साक्षात्कार करा सकता है। सत्संग में आने से मनुष्य में परमात्मा को जानने की जिज्ञासा उत्पन्न होती है। जिज्ञासा से परमात्मा का ज्ञान होता है और सत्संग मात्र से ही सच्चे गुरु का ज्ञान पाना संभव है।