जौलीग्रांट। बरसात के बाद नए खनन सत्र की शुरुआत हो गई है। खनन कार्य को पारदर्शी तरीके से सुचारु करने के लिए इस बार धर्मकांटों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आएफआईडी) रीडर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, खनन कार्य से जुड़े हुए वाहनों में माइन टैग अनिवार्य किया गया है। क्षेत्रीय सहायक खनन पर्यवेक्षक पकंज चंद ने जानकारी दी कि उत्तराखंड शासन के माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम (एमडीटीएसएस) के तहत अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई तकनीक का सहारा लिया गया है। सभी खनन लॉट्स और स्टोन क्रशरों आदि के वेब्रिज (धर्मकांटों) पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन रीडर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे संबंधित धर्मकांटों की ऑलाइन मॉनिटिरिंग की जा सकेगी। वहीं खनन सामग्री ले जाने वाले सभी वाहनों में माइन टैग होना भी जरूरी होगा। बिना माइन टैग वाले वाहनों के लिए पोर्टल से कोई भी ई-रवाना जारी नहीं किया जा सकेगा।