रामनगर में आयोजित त्रिदिवसीय दिव्य सत्संग के समापन पर एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा ईश्वरीय मंत्र के दृष्टा ऋषि सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने श्रद्धालुओं को धर्म प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का प्रत्येक व्यक्ति आत्मा से तपस्वी और शरीर से मजबूत सैनिक बने, ताकि देश, धर्म और संस्कृति की प्राणपन से सेवा कर सके। बाबा फुलसंदे ने कहा कि प्रत्येक भारतवासी को राष्ट्र प्रथम की भावना आत्मसात करनी चाहिए। संसार की रीति है कि फलों से लदे पेड़ों पर ही पत्थर मारे जाते हैं। इसी प्रकार निर्मल हृदय वाले लोगों पर भी आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने संगति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जैसी संगति होगी, व्यक्ति के विचार और कर्म भी वैसे ही बनेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा करने वालों को भी जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है लेकिन उन्हें अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। सत्संग के समापन पर भीमसेन मेहंदीरत्ता और अशोक शर्मा आर्य ने सभी सहयोगियों का आभार जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।