उत्पाती बंदरों के उत्पात से स्थानीय निवासी खासे परेशान हैं। बंदर आए दिन लोगों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर रहे हैं। वहीं, वन विभाग और नगर पालिका कार्रवाई के बजाय एक दूसरे को इसका जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं वन विभाग और नगर निगम ने नियमों का बहाना बनाकर किनारा कर लिया है।
नगर क्षेत्र डोईवाला में इन दिनों उत्पाती बंदरों का झुंड लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बंदरों का झुंड नगर के मिल रोड, प्रेमनगर बाजार, भानियावाला आदि कई क्षेत्रों में उत्पात मचा रहे हैं। घरों में घुसकर खाने पीने की सामग्री उठा ले जाना, कपड़ों को फाड़ने के साथ ही अब बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर हमलावर हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले प्रेमनगर बाजार में एक दुकानदार को हमला कर घायल किया था। भानियावाला में भी एक महिला पर हमला किया। लेकिन संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वन विभाग और नगर पालिका एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे है। शिक्षक अश्वनी गुप्ता, व्यापारी मंदीप बजाज, सुशील जायसवाल आदि ने समस्या निदान के लिए संबंधित विभागों से मांग की है।
बंदर शेड्यूल के अंतर्गत आने वाला जीव नहीं है। ऐसे में वन विभाग पूरी तरह से इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। विभागीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के तहत पिंजरा आदि लगाकर पकड़ने का प्रयास किया जाता है। -घनानंद उनियाल, वन क्षेत्राधिकारी, लच्छीवाला
भारत सरकार का नोटिफिकेशन है कि बंदर को आवारा पशु की भांति व्यवहार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में हमारे साथ बाध्यता है। समाधान के लिए जो विधिसम्मत प्रयास होंगे उनको करने का पूरा प्रयास नगर पालिका कर सकती है।-उत्तम सिंह नेगी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, डोईवाला