प्राथमिक विद्यालय वार्ड नंबर छह प्रतीतनगर रायवाला में लोक कल्याण समिति की ओर से आयोजित रामलीला आठवें दिन कलाकारों ने रावण मारीच संवाद, लक्ष्मण सीता संवाद, सीता हरण, जटायु उद्धार, राम वियोग, पंचवटी शबरी मिलन के दृश्य का मंचन किया।
लोक कल्याण समिति के प्रवक्ता विरेंद्र नौटियाल ने बताया की मारीच रावण के पुष्पक विमान में बैठकर पंचवटी गया। मारीच ने अपनी मायावी शक्तियों से एक सुंदर मृग (सोने का हिरण) का रूप धारण कर कुटिया के आसपास विचरण करने लगा। उसे खोजने के लिए सीता राम को भेजती है। रावण साधु को वेश बनाकर पंचवटी में भीक्षा मांगने आता है, जिस पर सीता लक्ष्मण रेखा से बाहर आकर रावण को भीक्षा देती है।
इस दौरान रावण उसका हरण कर लेता है। कुटिया राम लक्ष्मण सीता को न देखकर दुखी हो जाते हैं। वहीं रावण के रास्ते में जब जटायु आता है तो रावण जटायु का संवाद होता है और रावण जटायु को घायल कर देता है। जब राम लक्ष्मण सीता को खोज में जाते हैं तो उन्हें रास्ते में जटायु नामक पक्षी मिलता है, जो उन्हें सारा वृतांत बताता है। इस पर राम जटायु का उद्धार करते है।
भगवान राम और लक्ष्मण सीता को खोजते-खोजते शबरी के घाट पर पहुंच जाते हैं, जहां शबरी उन्हें मीठे-मीठे बेर खिलाती है। उसके बाद सबरी उन्हें सुग्रीव तक पहुंचने का मार्ग बताती है। इस मौके पर लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष गंगाधर गौड़, उपाध्यक्ष बालेंद्र सिंह नेगी, सचिव नरेश थपलियाल, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवाडी, निर्देशक महेंद्र सिंह राणा, नवीन चमोली, अंजू बड़ोला, राजेंद्र प्रसाद तिवाड़ी आदि शामिल रहे।