तुंगखाल बाजार में बीते छह महीने से पेयजल की समस्या बनी हुई है। हैंडपंप शोपीस बने हैं। लोग छह किमी दूर से वाहनों से पानी ढोने को मजबूर हैं। समस्या दूर नहीं होने पर ग्रामीणों ने जलसंस्थान के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।तुंगखाल क्षेत्र में परांदा पेयजल योजना के तहत हर घर जल योजना में दो वर्ष पूर्व पाइप लाइन बिछाई गई थी। मगर लाइन आधी अधूरी बिछाकर छोड़ दी गई थी। कुछ जगह लाइन बिछाई गई तो पाइप को सड़क के ऊपर ही जोड़कर छोड़ दिया गया है। अब जल निगम कोटद्वार की ओर से दोबारा लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।तुंगखाल में चुब्यानी, सेंज, बुधौली, गोदी, खरदूणी, गुमाल गांव, कुलेथ, गणेशपुर, टोला, पंबा, पंडियाली आदि करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। पेयजल किल्लत होने से तुंगखाल के ग्रामीण वाहनों से छह किमी दूर पंडियाली गांव के गदेरे से पानी ढोने को मजबूर हैं। कई बार तो ग्रामीणों को 10 किमी दूर दमराड़ा गांव से वाहनों की मदद से पानी ढोना पड़ता है। जल संस्थान कोटद्वार के सहायक अभियंता देवकीनंदन जोशी का कहना है कि हैंडपंप मरम्मत के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। जल्द हैंडपंप सही किया जाएगा।