यमकेश्वर विकासखंड के झैड़ गांव में खाई में गिरने से एक बुजुर्ग की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने विधायक रेणु बिष्ट के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि जिस जगह हादसा हुआ वहां से आगे सड़क बनी होती तो बुजुर्ग की मौत नहीं हुई होती। बताया कि इस सड़क की स्वीकृति मिली थी, लेकिन विधायक ने निरस्त करवा दिया था। विरोध को देखते हुए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के नरेंद्रनगर विकासखंड प्रभारी विकास रयाल के नेतृत्व में झैड़ के ग्रामीण शनिवार को दोपहर 12 बजे विधायक का आवास घेरने के लिए इंद्रमणि बडोनी चौक से आशुतोष नगर की ओर निकले। पुलिस ने आंदोलनकारियों को विधायक के आवास से करीब 100 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद लोगों ने विरोध में विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए। विकास रयाल ने कहा कि डेढ़ साल पहले यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट ने निर्माणाधीन नौडखाल-झैड़ मोटरमार्ग पर स्वीकृत दो किमी सड़क को निरस्त करवा दिया था। जिस स्थान पर शुक्रवार को झैड़ गांव निवासी गेंदालाल खाई में गिरे थे, वहां से यदि दो किलोमीटर आगे तक सड़क बन जाती तो बुजुर्ग की मौत नहीं होती। कहा कि इस घटना के लिए विधायक जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ अभियोग चलाने की संस्तुति देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को पत्र लिखा गया है। यह पत्र डाक के माध्यम से भेजा जाएगा। संवाद