ऋषिकेश। राज्य आंदोलनकारियों के दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर रोक लगाने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने नेपाली फार्म पर प्रदर्शन
किया। आंदोलनकारियों के परिजनों के हित में कानून बनाने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल ने बताया कि सरकार की ओर से सही तरीके से पैरवी ना किए जाने की वजह से राज्य आंदोलनकारियों को मिले आरक्षण को हाईकोर्ट के आदेश पर आदेश पर खत्म कर दिया गया था। आंदोलनकारियों और उनके परिजनों को सरकारी सेवाओं में दिए जा रहे आरक्षण का यह मामला वर्ष 2011 से न्यायालय में चल रहा था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के दौरान कई लोगों ने बलिदान दिया था। पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी डॉ.राजे सिंह नेगी ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद से जब-जब भाजपा की सरकार प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई है तब तब उसने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को कुचलने का काम किया है। उत्तराखंड सरकार को इस आदेश को खत्म करने के लिए विधानसभा में कानून बनाना चाहिए।प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष अमित बिश्नोई, दिनेश कुलियाल, विजय पंवार, गणेश बिजल्वाण, अशोक सिंह राणा, देवराज नेगी, जगदीश कोहली, विनायक गिरी, विक्रांत भारद्वाज, अंकित नैथानी, प्रवीण असवाल, महावीर अमोला, ऋषि यादव आदि उपस्थित थे।