मोरों को दाना खिलाते स्वामी चिदानंद सरस्वती।
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वन्यजीव सप्ताह पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मनुष्य, प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीव एक-दूसरे से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं। पर्यावरण से ही मानव का जीवन संभव है। पर्यावरण को स्वच्छ, शुद्ध व साफ-सुथरा रखने के लिये वनस्पति, पक्षियों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा जरूरी है। कहा कि औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण प्रतिदिन पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, प्रदूषण को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। मानवीय गतिविधियों के कारण लगभग 41 हजार से भी अधिक जीवों की प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई हैं। अनेकों जीवों का जीवन संकट में है। अगर हम इसी प्रकार प्रदूषण करते रहे, प्लास्टिक का उपयोग करते रहे तो प्रदूषण का स्तर और बढ़ता जाएगा। इससे विलुप्त हो रहे जीवों के साथ हमारा जीवन भी संकट में पड़ सकता है। इसलिये प्रकृति के साथ प्रकृतिमय जीवन जीना होगा।