तपोवन स्थित स्वामी समर्पण आश्रम घुगतानी में आयोजित स्वामी समर्पणानंद सरस्वती महाराज के पंचाग्नि यज्ञ साधना में पुर्तगाल का दल शामिल हुआ। दल के सदस्यों ने यज्ञ कुंड के आसपास बैठकर साधना की। स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने दल के सदस्यों को आशीर्वाद दिया। स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने बताया कि पंचाग्नि साधना का उद्घाटन 14 जनवरी को हुआ था। 25 मई को आश्रम में यज्ञ का विधिविधान के साथ समापन होगा। यह साधना साधक चार अग्नि कुंड के बीच में बैठकर बड़ी कठिनाइयों के साथ करता है। उन्होंने बताया कि यह साधना माता पार्वती ने शिव तत्व में विलीन होने के लिए की थी। इस साधना से साधक को ब्रह्मज्ञान का साक्षात्कार होता है। जीवात्मा की संसार से मुक्ति हो जाती है। यह साधना दस महाविद्या तंत्र की गुप्त साधना में गिना जाता है। यह साधना अघोर विद्या भी माना जाता है। इस मौके पर मार्को, गोंजालो, हेलेना, पेट्रा, फिलिपा, सैंड्रा, लेनिक, मौरिको, मेरा पेराल्टा आदि मौजूद रहे।