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हड्डी रोग विशेषज्ञों ने इलाज की नई तकनीकों के बारे बताया

सार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के अस्थि रोग विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में देशभर से आए आर्थो विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से विशेष तौर से अस्थि रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित एमसीएच के छात्रों को लाभ मिलेगा। कहा कि मरीजों के इलाज में नवीनतम तकनीकों और बेहतर प्रक्रिया को अपनाने मरीजों को सहायता मिलेगी, सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की टीम को भी लाभ होता है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के अस्थि रोग विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में देशभर से आए आर्थो विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान आर्थोस्कोपी के माध्यम से कंधे के लिगामेंट की लाइव सर्जरी का प्रदर्शन व प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अपने विचारों और अनुभवों को साझा करते हुए नवीनतम प्रगति से अवगत कराया।
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कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए एम्स निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से विशेष तौर से अस्थि रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित एमसीएच के छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स इंज्यूरी आजकल कॉमन इंज्यूरी है। उन्होंने इसके लिए ऑर्थो विभाग में स्किल बेस लर्निंग शिक्षा की आवश्यकता बताई। निदेशक ने ऑर्थो विभाग की पूर्व एचओडी प्रो. शोभा अरोड़ा द्वारा गए कार्यों की सराहना की। कहा कि मरीजों के इलाज में नवीनतम तकनीकों और बेहतर प्रक्रिया को अपनाने मरीजों को सहायता मिलेगी, सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की टीम को भी लाभ होता है। मीनू सिंह ने संगोष्ठी में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से सवाल जवाब किए जाने को विशेष लाभदायक बताया। इस अवसर पर संस्थान की डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, ऑर्थो विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कंडवाल, शोभा अरोड़ा, आर्थो सर्जन डॉ. विवेक सिंह डॉ.सोनल शरण, संजीव कुमार मित्तल, प्रो. रवि मित्तल, डॉ. मोहित ढींगरा आदि उपस्थित थे।
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