जौलीग्रांट। कोटिमयचक में ग्राम समाज की भूमि पर बृहस्पतिवार को शव दफनाए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को फिर सामने आया। एक विशेष समुदाय के लोग उसी स्थान पर एकत्र हुए जिस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। स्थानीय निवासी रोहित सोलंकी ने बताया कि भूमि से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। पिछले वर्ष ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया था। उनका कहना है कि दोबारा लोगों के जुटने से माहौल बिगड़ सकता है। ग्राम प्रधान शिवानी ने कहा कि मामला खुली बैठक में रखा जाएगा और ग्रामीणों से बातचीत के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विश्व हिंदू परिषद प्रमुख नरेश उनियाल ने दावा किया कि जिस भूमि पर शव दफनाया गया, वह ग्राम सभा की है। उन्होंने कहा कि नक्शे में कुछ त्रुटि है, जिसे सुधारने के लिए ग्रामीण कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। उनके अनुसार, दूसरे समुदाय के लिए शव दफनाने की भूमि अन्य स्थान पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वह ग्रामीणों के साथ हैं और जल्द प्रशासन से मिलकर अपनी बात रखेंगे