पौड़ी गढ़वाल की जाखणीखाल तहसील का प्रस्तावित नया भवन विवादों में घिर गया है। मंजोखी गांव में भवन के लिए चिह्नित की गई 41 नाली भूमि का स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यमकेश्वर की विधायक रेणु बिष्ट से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और मांग की है कि तहसील भवन को मंजोखी के बजाय पाली गांव के आसपास बनाया जाए। वर्तमान में जाखणीखाल तहसील देवीखाल स्थित जल संस्थान कोटद्वार के अतिथि गृह में संचालित हो रही है। फरवरी 2020 से इस स्थान पर तहसील संचालित हो रही है। शनिवार को रणेथ, पाली और ठंठाेली के लोगों ने स्थानीय विधायक रेनु बिष्ट से उनके निवास पर भेंटकर ज्ञापन सौंपा। स्थानीय निवासी अतुल कंडवाल ने कहा कि जाखणीखाल तहसील के लिए आंदोलन के दौरान 2017 में तहसील स्वीकृति के समय जो नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसमें स्पष्ट रूप से तहसील भवन के लिए जाखणीखाल, मौजा पाली का उल्लेख किया गया है। पाली गांव में ही तहसील भवन बनाया जाए। कहा कि स्थानीय लोगों ने तत्कालीन तहसीलदार को चार स्थानों पर राजस्व भूमि दिखाई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से उन भूमि को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। मंजोखी गांव में तहसील भवन बनाना क्षेत्र के 98 राजस्व गांवों की जनता के साथ धोखा है। यदि प्रशासन की ओर से मंजोखी गांव में भूमि चयन निरस्त कर पाली गांव में भूमि का चयन नहीं किया जाता है तो स्थानीय लोग धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। जल्द ही आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। ज्ञापन देने वालाें जगमोहन सिंह, लखपत लिंगवाल, महेंद्र कंडवाल, रमेश लिंगवाल, चंद्रप्रकाश कंडवाल, सुरेंद्र कंडवाल आदि उपस्थित रहे।इस बारे में जाखणीखाल तहसील के प्रभारी तहसीलदार वैभव जोशी ने बताया कि यदि स्थानीय विधायक की ओर से तहसील भूमि को लेकर पत्र आता है तो उसपर विचार जाएगा।