पंचक शुरू होते ही तीर्थनगरी नीलकंठ मंदिर में पहुंचने वाले कांवड़ियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को जलाभिषेक के लिए सवा लाख से अधिक कांवड़ यात्री पहुंचे थे, वहीं शुक्रवार को श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक अवधि में कई यात्राओं और शुभ कार्यों को टालने की परंपरा है। इसी मान्यता के चलते बृहस्पतिवार की तुलना में शुक्रवार को नीलकंठ पहुंचने वाले कांवड़ियों की संख्या में कमी आई। स्थानीय व्यापारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पंचक समाप्त होने तक अगले कुछ दिनों तक भीड़ कम रहने की संभावना है। पंचक समाप्त होने के बाद कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार बैरियर, पार्किंग, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।