जीएमवीएन की ओर से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2016 के दौरान तीन से सात मार्च तक स्वर्गाश्रम स्थित अस्थायी वानप्रस्थ हैलीपैड से संचालित कुंभ मेला क्षेत्र के दर्शन की हवाई सेवा योजना को रिस्पांस नहीं मिल पाया। करीब पांच दिन तक संचालित हवाई सेवा में केवल 16 पर्यटक ही इसका लाभ उठा सके। पर्यटकों को इसका लाभ नहीं मिलने की वजह योजना का समय रहते प्रचार-प्रसार में कमी मानी जा रही है। अब इसे आसन्न चार धाम यात्रा के दौरान चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
क्षेत्र में तीर्थांटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम और दिल्ली की एक निजी संस्था हेरिटेज एविएशन ने तीर्थनगरी में आयोजित इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल के दौरान कुंभ मेला क्षेत्र के दर्शन के लिए हवाई यात्रा शुरू की थी, मगर इस ओर सैलानियों में अपेक्षित रुझान नहीं मिल पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।
निगम ने स्वर्गाश्रम स्थित वानप्रस्थ आश्रम के घाट पर बनाए गए अस्थायी हैलीपैड से हवाई यात्रा कराने की योजना बनाई थी। इसके तहत पांच हजार रुपये प्रति व्यक्ति के लिहाज से 15 मिनट में संपूर्ण कुंभक्षेत्र देवप्रयाग से हरिद्वार तक का दर्शन कराया जाना था। इसके अलावा टिहरी झील देखने के इच्छुक पर्यटकों को प्रतिव्यक्ति 10 हजार रुपये में 30 मिनट में कुंभ क्षेत्र के हवाई दर्शन कराए जाने थे, मगर कम प्रचार प्रसार के जानकारी के अभाव में निगम इस ओर पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पाया। लिहाजा निगम को इसे महज पांच दिन में बंद करना पड़ा।
इस बाबत जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक सी. रविशंकर ने बताया कि फिलहाल सात मार्च तक हेरिटेज एविएशन कंपनी ने हवाई यात्रा की अनुमति ली थी। कंपनी के साथ जीएमवीएन का सहयोग पर्यटन को बढ़ावा देना और इसका प्रचार-प्रसार करना था।
कुंभ मेलाकाल तक हवाई सफर को जारी रखने के बारे में एमडी ने बताया कि हेरिटेज एविएशन कंपनी ने सात मार्च तक ही इसकी अनुमति ली थी, लेकिन जीएमवीएन इस योजना का प्रचार-प्रसार करेगा। यदि प्रचार से सफलता मिली तो उम्मीद है कि इस सेवा को दोबारा चार धाम यात्रा के दौरान पर्यटकों के लिए शुरू किया जाएगा।