पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने से गंगा का जलस्तर बढ़ गया। जिसके कारण पर्यटन विभाग ने गंगा में राफ्टिंग पर अनिश्चितकाल के रोक लगा दी है। राफ्टिंग पर रोक लगने के बाद मुनिकीरेती क्षेत्र में राफ्टिंग के लिए पहुंचे पर्यटकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं राफ्टिंग व्यवसायियों के चेहरों पर भी मायूसी छा गई।
मुनिकीरेती क्षेत्र में करीब तीन माह बाद बीते 10 सितंबर को पर्यटन विभाग ने गंगा में राफ्टिंग की अनुमति प्रदान की थी। पहले दिन करीब 1700 पर्यटकों ने राफ्टिंग का लुत्फ उठाया था। शुक्रवार से गंगा जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार का गंगा जलस्तर कम नहीं हुआ।
इसके साथ ही गंगा में भारी मात्रा में सिल्ट भी बहकर आ रहा है। जिससे इस समय गंगा में राफ्टिंग करना खतरे से खाली नहीं है।
हर दिन करीब दो हजार पर्यटक राफ्टिंग कर रहे थे। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण अभी तक शिवपुरी से खारास्रोत तक हो रही थी।
पर्यटन विभाग ने शुक्रवार को दो बजे के बाद से गंगा में राफ्टिंग पर अनिश्चित काल के लिए रोक लगा दी थी।
शनिवार को करीब 510 पर्यटक पर्यटक राफ्टिंग खुलने का इंतजार करते रहे।
दो दिन से लगातार हो रही बारिश होने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए राफ्टिंग पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी गई है। गंगा का जलस्तर कम होते ही राफ्टिंग की अनुमति दी जाएगी।
-खुशाल सिंह नेगी, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी टिहरी गढ़वाल
चेतावनी रेखा से 87 मीटर नीचे बह रही गंगा
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदिया उफान पर आ गई हैं। इससे मैदानी भागों में गंगा घाटों को छूकर बह रही है। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती, तपोवन, त्रिवेणी घाट पर सुरक्षा दृष्टिगत जल पुलिस और पीएससी के जवान तैनात हैं।
शनिवार को गंगा चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से 87 मीटर नीचे 338.63 मीटर नीचे बह रही थी। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सुबह 10 बजे दोपहर दोपहर 2 बजे तक गंगा का जलस्तर 338.62 मीटर और शाम 8 बजे गंगा का जलस्तर 338.63 मीटर दर्ज किया गया।