कथा सुनने आसपास के गांव से पहुंचे थे लोग, विवाह का मंचन देख हुए भाव विभोर
शिव मंदिर क्यावा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण और रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। विवाह का मंचन देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। आसपास के गांव के लोग भी बड़ी संख्या में कथा सुनने पहुंचे।
कथा वाचक आचार्य विवेक शरण शास्त्री जी महाराज ने श्रीकृष्ण और रुकमणी के विवाह से संबंधित कई रोचक प्रसंग सुनाए। सुंदर झांकियाें की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गईं। कहने लगी हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था, तो हम से प्रेम क्यों किया।
गोपी उद्धव संवाद, श्री कृष्ण एवं रुकमणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई। आज मेरे श्याम की शादी है भजन पर श्रद्धालु झूम उठे। विवाह उत्सव के दौरान निकली बारात और वरमाला का दृश्य मोहक रहा। इस मौके पर वेद पाठी सुकदेव त्रिपाठी, आचार्य विजय कृष्ण शास्त्री, आचार्य अमित जोशी, आचार्य बृजेश जोशी, पंडित मिल्कीराम जोशी, सूरज जोशी, निकेश शर्मा, आशीष शर्मा आदि मौजूद रहे।