मुनिकीरेती स्थित स्वामीनारायण आश्रम में मंगलवार को अपनी धरोहर न्यास के तत्वावधान में दो दिवसीय धरोहर संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पहले दिन उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों की महक और लोक वाद्यों की थाप ने दर्शकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अहसास कराया। कार्यक्रम में देवभूमि की लुप्त होती परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मधु असवाल ने उड़द की दाल और सोयाबीन से पहाड़ी बड़ी तैयार करने की पारंपरिक विधि साझा की। वाद्य संस्कृति सत्र में चंद्रबदनी के डॉ. सोहनलाल ने तांबे के ढोल, बूढ़ाकेदार के बचन दास ने चांदी के ढोल और बागेश्वर के मोहन दास व विजय सार ने लकड़ी के ढोल की थाप से समां बांधा। वहीं, अल्मोड़ा के सुंदर दास ने हुड़के पर जागर प्रस्तुत कर लोक परंपरा को जीवंत कर दिया। इस मौके पर ढोल-दमाऊ के निर्माण, वादन तकनीक और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी से साझा करने के साथ ही संस्था की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। आयोजन में राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, मेयर शंभू पासवान, आरएसएस प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल सहित कई गणमान्य मौजूद रहे। वहीं अपनी धरोहर न्यास के अध्यक्ष विजय भट्ट ने बताया कि हमारी संस्था उत्तराखंड के पारंपरिक ढोल-दमाऊ और संस्कृति से जुड़े विभिन्न लोक तत्वों के संरक्षण व संवर्द्धन की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।