देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर एंटी हाईजैकिंग मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। एयरपोर्ट पर अपहरण या हाईजैकिंग की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा, संचार और समन्वय मानकों की जांच और संज्ञान में आई कमियों को दूर करने के लिए अभ्यास किया गया।
मंगलवार को मॉक ड्रिल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल एएसजी देहरादून के क्यूआरटी विस्फोटक रोधी और श्वान दस्ते के साथ एयरपोर्ट पर कार्यरत विभिन्न एजेंसियों के सुरक्षा प्रभारी, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के एटीसी और अग्निशमन विभाग और विभिन्न एयरलांइस के कर्मचारियों के अलावा उत्तराखंड पुलिस बल के सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
मॉकड्रिल अभ्यास के बाद हवाई अड्डा समिति (एरोड्रोम कमेटी) की बैठक अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें बताया गया कि एयरपोर्ट पर विमान हाईजैक की स्थिति में स्थानीय स्तर पर गठित इस कमेटी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के उप कमांडेन्ट वीवीएस गौतम ने मॉकड्रिल को लेकर प्रांरभिक ब्रिफिंग दी।
प्रबंधक एटीसी सिकंदर इस्लाम ने पॉवरप्वांइट प्रेजेंटेशन के माध्यम से हाईजैक की स्थिति में प्रत्येक एजेंसी की भूमिका और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्रा ने पिछली बैठक में चर्चा में आए बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कमेटी के बैठक में आए सुझावों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक के समापन पर एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्रा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।