यमकेश्वर ब्लॉक के करीब 51 गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी ठप हो गई है। करीब एक महीने से लोगाें को परेशानी हो रही है। ऐसे में लोग अपनों से संपर्क नहीं साध पा रहे हैं। मोबाइल पर बात करने के लिए लोगाें को दौड़ लगानी पड़ रही है। शिकायत के बाद प्राइवेट कंपनियों के इंजीनियर भी मोबाइल टॉवर की स्थिति नहीं सुधार पा रहे हैं।
यमकेश्वर ब्लॉक के गांवाें में डिजिटल इंडिया का सपना धूमिल हो रहा है। क्षेत्र के पैय्यां, बुकंडी, दिउली, बिंजाखेत, पोखरखाल, बासबा, पातली, बिनक, खेड़ा, तुंगखाल, कुलेथ, तिलधारखाल, तालघाटी, त्याड़ों घाटी, गुजराड़ी, पंडयाली, दिवोगी, उड्डा, तिमली, ग्वलडा, कंडरा, जुलेड़ी, सुरेधार, बडोली आदि गांवों में मोबाइल नेटवर्क ठप पड़े हैं।
स्थानीय निवासी यशपाल असवाल, दीपक कपरुवाण, प्रदीप बडोला, शौर्य कपरुवाण ने बताया कि क्षेत्र में अधिकांश लोगों के पास स्मार्ट फोन हैं, लेकिन मोबाइल के सिग्नल न आने से वह मोबाइल शोपीस बन गए हैं। उन्होंने बताया कि सिग्नल न आने की शिकायत संबंधित प्राइवेट कंपनियों के उपभोक्ता अधिकारी से की चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
I- यमकेश्वर ब्लॉक के कई गांवों में मोबाइल सिग्नल न आने की शिकायतें मिल रही हैं, जल्द ही मौके पर इंजीनियरों को भेजकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। - गुरजीत, इंफ्रा लीड जियो मोबाइल ऋषिकेश क्षेत्रI