आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा बैठक में मेयर ने अफसरों को लगाए गंभीर आरोप
बोलीं- अफसर जनहित के कार्य करने के बजाए अगले बोर्ड के गुणा-भाग में लगे
पार्षद बोले- नाला गैंग नहीं बनने से झेला जलभराव, बुलाई जाए बोर्ड की बैठक
नगर निगम क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में मेयर अनीता ममगाईं ने अधिकारियों पर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया है। कहा कि निगम क्षेत्र की जनता जलभराव से हुई समस्या से जूझ रही है। लेकिन अधिकारी राहत कार्यों को सुचारु कराने के बजाय अगली बोर्ड को लेकर गुणा-भाग कर रहे हैं।
मेयर ने आरोप लगाया कि नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से वार्डों में विकास नहीं हो पा रहे हैं। कहा कि तीन जुलाई को हुई बैठक में उनकी ओर से प्रत्येक वार्ड को 20-20 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की थी। अभी तक किसी भी वार्ड में कार्य शुरू नहीं हुए हैं। वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारी अगले बोर्ड के गुणा-भाग में लगे हैं। कहा कि लोग परेशान हैं। अधिकारी शनिवार और रविवार को गायब हो रहे हैं। एक महीने से ब्लीचिंग पाउडर और चूना खत्म है। कीटनाशक दवाइयां नहीं हैं।
पार्षदों ने भी अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए
बीस बीघा के पार्षद सरदार गुरविंदर सिंह ने कहा कि 13 अगस्त की रात को बीस बीघा, सुमन विहार, बापूग्राम, गंगानगर में पानी भर गया था। बारिश से लोगों के घरों तक मलबा और पानी घुस आया। नगर निगम के जेई ने मौके पर आने से मना कर दिया। प्रगति विहार के पार्षद राकेश सिंह ने कहा कि जल्द नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाई जाए, जो अधिकारी काम करने में सक्षम नहीं हैं उनका तबादला कराया जाए। आवास विकास के पूर्व पार्षद अशोक पासवान ने कहा कि मानसून सीजन में नाला गैंग नहीं बना। नाला गैंग बनाने के लिए बरसात से पहले उनकी ओर से ज्ञापन भी सौंपा गया था। लेकिन गैंग नहीं बना और खामियाजा जलभराव के रूप में जनता को झेलना पड़ा। गुमानीवाला के पार्षद विपिन पंत ने कहा कि अमित ग्राम शहीद स्मारक के पास पुलिया चार दिन पहले टूट गई। पुलिया चार गांवों को जोड़ती । पुलिया की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
नगर निगम के निर्माण विभाग को आपदा मद के प्रारूप पर एस्टीमेट बनाने के पांच दिन पहले निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक एस्टीमेट नहीं बना है। इसमें पंप, ब्लीचिंग और अन्य सामान खरीदा जाना है। - राहुल गोयल, नगर आयुक्त