13 महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते स्वामी चिदानं
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परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने गांधी मंडेला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘ग्लोबल प्रेयर’ ऑनलाइन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। ग्लोबल प्रेयर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर वैश्विक वक्ताओं ने सहभाग कर महात्मा गांधी श्रद्धासुमन समर्पित किए।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक शक्ति थे। उनके आदर्श व सिद्धांत एक अमिट इबारत की तरह हैं। गांधी एक सृजनशील व्यक्तित्व के धनी थे। वह स्वयं अहिंसक थे और उन्होंने संपूर्ण विश्व को भी अहिंसा का पाठ पढ़ाया। वर्तमान समय में हमारे युवाओं को सत्य और अहिंसा को समझने के लिए गांधी को समझना होगा और उनके आदर्शों को समझना होगा। महात्मा गांधी कहते थे कि ‘सत्य और अहिंसा को केवल व्यक्तिगत जीवन के प्रयोग की वस्तुएं नहीं समझनी चाहिए, बल्कि संगठन, समुदाय और राष्ट्र को इसके प्रयोग के लिए प्रेरित करना चाहिए। तभी संपूर्ण विकास संभव है। साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि गांधी स्वच्छता के पुजारी थे। वह स्वच्छता के कार्य को पूजा की तरह पवित्र मानते थे। गांधी के आदर्शों और सिद्धांतों में न केवल राष्ट्र, बल्कि संपूर्ण मानव जाति का कल्याण निहित है। आज के इस भागदौड़ के समय में चारों ओर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए गांधी का अनुसरण कर एक नई इबारत लिखी जा सकती है।