Iसोशल मीडिया में भी ट्रोल हो रही ऋषिकेश पुलिस
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Iसमय रहते कार्रवाई करते तो घटना स्थल से ही गिरफ्तार होते आरोपीI
चंद्रभागा पुल पर फायरिंग कांड से ऋषिकेश पुलिस की कार्रवाई पर स्थानीय निवासी सवाल उठा रहे हैं। जिस स्थान पर फायरिंग हुई उसी स्थान से कुछ दूरी पर पुलिस बूथ है, इसके अलावा यहां से मात्र करीब 500 मीटर की दूरी पर कोतवाली भी है। बावजूद इसके पुलिस को आरोपियों को पकड़ने में 12 घंटे लग गए। यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो आरोपी घटनास्थल से ही पकड़े जाते।
बीते शुक्रवार रात करीब सवा नौ बजे चंद्रभागा पुल के समीप कार सवार चार युवकों ने जमकर दबंगई दिखाई। इन युवकों ने एक स्थानीय युवक की हॉकी, विकेट आदि से जमकर पिटाई की। घटना स्थल पर लोगों को डराने के लिए कार सवार एक युवक ने पिस्टल से हवाई फायर भी किया। कोतवाली से मात्र करीब 500 मीटर की दूरी पर यह दबंगई करीब आधे घंटे चली लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
आरोपी युवक मारपीट और हवाई फायर करने के बाद घटना स्थल से फरार हो गए। सोशल मीडिया में प्रकरण के वायरल होने के बाद पुलिस की किरकिरी होने पर एसएसपी देहरादून को ऋषिकेश कोतवाल और संबंधित चौकी प्रभारी के लिए चेतावनी पत्र जारी करना पड़ा। एसएसपी की ओर से जारी चेतावनी पत्र में स्पष्ट लिखा गया था कि यदि शनिवार दोपहर 12 बजे तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो कोतवाली प्रभारी निरीक्षक व संबंधित चौकी निरीक्षक को खुद ही लाइन हाजिर होना पड़ेगा। वहीं स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस पर आरोप लगाया कि शाम होते ही अक्सर पुलिस व्यस्ततम स्थानों से गायब हो जाती है।