कौडियाला-ब्यासघाट मोटरमार्ग का 12 साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो पाया है। मार्ग के डामरीकरण न होने से 22 किलोमीटर मोटरमार्ग गड्ढ़ों में तब्दील हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल को मार्ग के डामरीकरण के लिए कई प्रस्ताव भेज चुके हैं, लेकिन शासन से वित्तीय स्वीकृति न मिलने के कारण मार्ग का डामरीकरण नहीं हो पाया है।
पौड़ी जिले के द्वारीखाल और यमकेश्वर ब्लॉक में 2006 में ब्यासघाट से ढांगूगढ (कौडियाला) तक 26 किलोमीटर रोड कटिंग का काम शुरु हुआ था। 2013 में कटिंग पूरी हुई। इसमें से करीब दो किलोमीटर रोड पर पूर्व मेें डामरीकरण हो चुका है। किनसुर बैंड से ढांगूगढ़ तक 22 किलोमीटर क्षेत्र में रोड का डामरीकरण नहीं हुआ है। रोड का डामरीकरण न होने से रोड गड्ढ़ों में तब्दील हो गई है। 22 किलोमीटर क्षेत्र में वाहनों का जैसे तैसे संचालन किया जा रहा है। 22 किलोमीटर क्षेत्र में कई स्थानों पर रोड डेंजर जोन में हैं। यहां पर क्रश बैरियर न लगाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस मोटरमार्ग पर भैरूखाल से कबाड़ी भ्याल, सिमालू से महादेवचट्टी भंडीरपानी तक रोड खतरनाक है। यदि क्रश बैरियर लग जाता तो रोड की स्थिति में सुधार हो जाता।
Iकौडियाला ब्यासघाट मोटरमार्ग के चार किलोमीटर पेज का डामरीकरण करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। रोड का डामरीकरण पांच किलोमीटर से अधिक नहीं हो सकता। फिलहाल विभाग का ध्यान सिंगटाली मोटरपुल निर्माण पर है, बजट मिलने पर डामरीकरण का काम किया जाएगा।
I
I- किशोर कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि श्रीनगर गढ़वालI