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Iकत्थक नृतक सदानंदद विश्वास ने सिखाएं कत्थक के गुरI
द बीटल द गंगा फेस्टिवल में कत्थक नृतक सदानंद विश्वास ने कत्थक के गुर सिखाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कें बच्चों में गुरु के प्रति समर्पण की भावना सबसे अधिक होती है। फेस्टिवल के दूसरे दिन शनिवार को कत्थक कार्यशाला आयोजित की गई। दिल्ली की कत्थक धरोहर संस्था के सदानंद विश्वास ने यहां मौजूद लोगों को कत्थक के बारे में बताया। सदानंद वर्ष 2014 से उत्तराखंड में बच्चों को कत्थक का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह अब तक टिहरी, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, कालसी आदि स्थानों पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर चुके हैं। अब तक वह एक हजार से अधिक बच्चों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान सदानंद ने कहा कि हमारे शास्त्रीय संगीत व नृत्य गंगा की तरह हैं जो अविरल बहते रहते हैं। जबकि अन्य संगीत पानी के बुलबुले की तहर है जो आते हैं और चले जाते हैं। शनिवार को सदानंद ने भूमि प्रणाम, तत्कार, अंग संचालन, तोरा टुकड़ा आदि के बारे में जानकारी दी।