ऋषिकेश। कांवड़ यात्रा के बीच गंगा के तेज बहाव में जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक श्रद्धालु के लिए एसडीआरएफ के जवान देवदूत बनकर पहुंचे। लक्ष्मणझूला क्षेत्र के गीता भवन घाट नंबर-3 पर स्नान के दौरान पैर फिसलने से गंगा की तेज धारा में बहे कांवड़ यात्री को एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान हेड कांस्टेबल राकेश रावत ने अदम्य साहस दिखाते हुए उफनती गंगा में उतरकर श्रद्धालु को सुरक्षित पकड़ लिया। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले नवीन कुमार (29) गंगाजल लेने ऋषिकेश पहुंचे थे। शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गीता भवन घाट नंबर-3 पर स्नान करते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गंगा की तेज धारा मे बह गए। देखते ही देखते वह मुख्य धारा में बहने लगे। नदी का बहाव तेज होने के कारण उनके लिए खुद को संभालना मुश्किल हो गया। घाट पर मौजूद लोगों ने जब श्रद्धालु को बहते देखा तो अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हेड कांस्टेबल राकेश रावत तेज बहाव वाली गंगा में उतरे और बह रहे कांवड़िये तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने नवीन कुमार को सुरक्षित पकड़कर डूबने से बचाया।