गंगा में साहसिक खेलों के लिए बस पांच दिन और हैं। इसके बाद 1 जुलाई से ऋषिकेश में राफ्टिंग के शौकीनों को इसके लिए करीब दो महीने का इंतजार करना पड़ेगा। गंगा के जलस्तर को देखते हुए राफ्टिंग 1 सितंबर से फिर शुरू हो सकेगी।
लक्ष्मणझूला, मुनि की रेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन आदि क्षेत्रों में 350 से 400 राफ्टिंग कार्यालय संचालित हैं। सप्ताहांत और अन्य अवकाश पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई समेत विभिन्न प्रांतों व शहरों के पर्यटक राफ्टिंग के लिए यहां पहुंचते हैं। राफ्टिंग संचालक कार्यालयों से सैलानियों को कौडियाला, मरीन ड्राइव, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और क्लब हाउस प्वाइंट से राफ्टिंग कराते हैं। बरसात में गंगा का पानी मटमैला और जलस्तर बढ़ जाता है, जिसके कारण पर्यटन विभाग की ओर से 30 जून तक राफ्टिंग संचालकों को राफ्टिंग की अनुमति दी जाती है। यदि इससे पहले गंगा का जलस्तर बढ़ा तो निर्धारित समय से पहले भी राफ्टिंग का संचालन बंद हो सकता है।
पर्यटन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार और बरसात के कारण 1 जुलाई से गंगा में राफ्टिंग का संचालन बंद हो जाएगा। राफ्टिंग संचालक 30 जून तक ही राफ्टिंग का संचालन करेंगे। गंगा का जलस्तर सामान्य रहा तो 1 सितंबर से दोबारा राफ्टिंग शुरू होगी। - खुशाल सिंह नेगी, साहसिक खेल अधिकारी, गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति