बांझपन को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और गलतफहमियों को दूर करने तथा आधुनिक उपचार तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को एम्स में विश्व इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) दिवस मनाया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में आईवीएफ जैसी उन्नत तकनीकों ने निसंतान दंपतियों के लिए माता-पिता बनने की उम्मीद को मजबूत किया है। शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने कहा कि आईवीएफ दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों के मन में बांझपन को लेकर मौजूद डर, मिथक और गलत धारणाओं को दूर करना है। डीन रिसर्च शैलेंद्र कुमार हांडू ने कहा कि आईवीएफ केवल गर्भधारण का अवसर नहीं देता, बल्कि गंभीर बांझपन का सामना कर रहे दंपतियों के लिए उम्मीद और संतान प्राप्ति का विकल्प भी उपलब्ध कराता है। सेंटर में उपचार के बाद संतान प्राप्त करने वाले कुछ दंपतियों को सम्मानित किया गया।