कांवड़ मेला के दृष्टिगत राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. साकेत बडोला के नेतृत्व में रविवार को वन्य जीव प्रतिपालक चीला और गौहरी रेंज के वन कर्मचारियों ने बैराज-नीलकंठ मोटर मार्ग, नीलकंठ पूंडरासू, स्वर्गाश्रम-नीलकंठ पैदल मार्ग, बाघखाला क्षेत्र में पैदल गश्त की। निदेशक ने वनाधिकारियों को वन और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में लगातार मेटल डिटेक्टर से चेकिंग करने के निर्देश दिए।
निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए नीलकंठ पैदल मार्ग पर क्षतिग्रस्त बटिया की मरम्मत करने, सूखे पेड़ों का तत्काल पातन कराने निर्देश दिए। कहा कि पैदल मार्ग पर शिवभक्तों की ओर से जो मुख्य मार्ग के अलावा अन्य वैकल्पिक ढंगारी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है उसको बंद कर मुख्य मार्ग का प्रयोग कराया जाएगा। पैदल मार्ग पर दुपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कराया जाए। कांवड़ मेले के दौरान वन्य जीवों एवं पर्यावरण की दृष्टि से अपशिष्ट कूड़ा एकत्र कर जिला प्रशासन और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम
जौंक से सहयोग से निस्तारण कराया जाए।
क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सोलर फेंसिंग के मरम्मत शीघ्र कराने और अन्य क्षेत्रों में मानव, वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए सोलर फेंसिंग के प्राक्कलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निदेशक ने कहा कि वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए परमार्थ निकेतन के साथ वन क्षेत्र में वाटर होल निर्माण एवं मृदा संरक्षण कार्य करने के लिए वन विभाग काम करेगा।