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Rishikesh News: आईटीआई गैंडखाल को एनसीवीटी की मान्यता मिलने का रास्ता साफ

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बिजली-पानी का कनेक्शन नहीं होने से लटकी थी एनसीवीटी की मान्यता

आठ साल पहले बने आईटीआई में वेल्डर ट्रेड ही संचालित



पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के राजकीय आईटीआई गैंडखाल में मूलभूत सुविधाएं विकसित होने के बाद अब एनसीवीटी (राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद) की मान्यता का रास्ता साफ हो गया है। आठ साल से स्थानीय लोग आईटीआई में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग कर रहे थे।



2013 में गैंडखाल में राजकीय आईटीआई बनाने की घोषणा की गई थी। मई 2018 में आईटीआई का भवन बनकर तैयार हुआ। इस संस्थान को वेल्डर, सिलाई कटिंग और डाटा इंट्री ऑपरेटर के ट्रेड मिले थे। आईटीआई भवन करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बना है। भवन बनने के बाद यहां पानी और बिजली का कनेक्शन नहीं लग पाए। जिससे आईटीआई को एनसीवीटी की मान्यता नहीं मिल पाई थी।
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वर्तमान में संस्थान को राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) से मान्यता मिली है। डाटा इंट्री ऑपरेटर की मान्यता को केंद्र सरकार की ओर से समाप्त करने के बाद यह ट्रेड समाप्त हो गया था। सिलाई ट्रेड के लिए छात्र न मिलने के कारण यहां तैनात शिक्षक को राजकीय आईटीआई जयहरीखाल भेज दिया गया।वर्तमान में यहां पर वेल्डर वाला शिक्षक है। नौ छात्रों को प्रवेश दिया गया है। राजकीय आईटीआई श्रीनगर गढ़वाल के प्रधानाचार्य का यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
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राजकीय आईटीआई गैंडखाल में बिजली और पानी का कनेक्शन लगा दिया है। एनसीवीटी की मान्यता के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। संस्थान को जल्द ही एनसीवीटी की मान्यता मिल जाएगी। - संजीव कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई श्रीनगर गढ़वाल
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