पिछले वर्ष के सफल ट्रायल के बाद 2.2 दून बासमती की रोपाई दोबारा शुरू: सूचना विभाग
देश-विदेश में अपनी विशेष सुगंध, स्वाद और गुणवत्ता के लिए पहचान रखने वाली विलुप्त होती देहरादून की पारंपरिक दून बासमती की खुशबू एक बार फिर खेतों में लौटने लगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन की मदद से जिले के करीब 160 किसान इसकी रोपाई में जुट गए हैं। पिछले वर्ष किए गए ट्रायल के सफल परिणाम के बाद इस बार 2.2 दून बासमती की खेती का दायरा बढ़ाकर 75 हेक्टेयर कर दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि देहरादून की पारंपरिक दून बासमती को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष ट्रायल के दौरान करीब 65 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती कराई गई थी। अब दून बासमती की खेती का रकबा बढ़ाकर 75 हेक्टेयर किया गया है। सहसपुर और विकासनगर के बाद रायपुर और डोईवाला विकासखंड के किसान भी दून बासमती की खेती के प्रति उत्साह दिखा रहे हैं। दून की बासमती को उसकी विशिष्ट सुगंध, गुणवत्ता और स्थानीय पहचान के साथ एक मजबूत ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार व अधिक आय का अवसर मिल सकेगा।मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि रीप (ग्रामीण उद्यमिता एवं आजीविका परियोजना) के माध्यम से 200 क्विंटल से अधिक दून बासमती धान 65 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया था, जिसके एवज में किसानों के खातों में 13 लाख रुपये से अधिक की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई। दून बासमती के संरक्षण और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए विकासनगर में जल्द सीड बैंक स्थापित किया जाएगा।