I
I
I
Iसिलक्यारा में फंसे श्रमिकों के सकुशल बाहर आने के लिए की अरदासI
श्री गुरु नानकदेव महाराज के 554वें प्रकाश पर्व पर श्री गुरु सिंह सभा की ओर से नगर के मुख्य गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन से गुरु महिमा का बखान किया गया। गुरुद्वारे में अरदास कर राज्य की खुशहाली और सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल बाहर आने के लिए प्रार्थनाएं की गई।
सोमवार को नगर के मुख्य गुरुद्वारे में सुबह से संगत माथा टेकने के लिए गुरुद्वारे में पहुंचने लगी थी। कथावाचक गुरपाल सिंह पंजाब वाले, रागी जत्था भाई मंजीत सिंह देहरादून वाले और भाई मलकीत सिंह ने शबद कीर्तन के माध्यम से गुरु की शिक्षाओं और और आदर्शों पर प्रकाश डाला। श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान गुरदीप सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानकदेव महाराज महान समाज सुधारक, दार्शनिक, योगी और धर्म संस्थापक थे।
कहा कि गुरु महाराज ने हमेशा लोगों को धर्मपथ का अनुसरण करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल बाहर आने के लिए अरदास की गई। इस दौरान सचिव सुरेन्द्र सिंह खालसा, इंद्रजीत सिंह लाडी, परमजीत सिंह काकू, हरभजन सिंह, गुरपाल सिंह, बलविंदर सिंह, सुरजीत खालसा, अमरजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, सुरेंद्र राणा, हरजीत कौर, जसपाल कौर, गुरमीत कौर आदि मौजूद रहे।
Iश्रद्धालुओं ने बांटी मिठाई और दूधI
सिखों के प्रथम गुरु श्री नानकदेव महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों ने प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना करते हुए शाम को चना, चाय, कॉफी और मिठाई का वितरण किया। गुरु सिंह सभा के प्रधान गुरदीप सिंह ने कहा कि हमें गुरु महाराज के बताए मार्ग पर चलकर समाज की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। कार्यक्रम में गुरमीत सिंह, त्रिलोचन सिंह, परमजीत सिंह काकू, सुनील शर्मा बॉबी, विजय बख्शी, विनोद चौहान, बलविंदर सिंह, जगदीप सिंह, अमनदीप सिंह, ओम राही, सिमरन कौर आदि तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।