पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश के कारण मैदानी भागों में गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर आ गई हैं। गंगा चेतावनी रेखा से मात्र 85 सेमी नीचे बह रही है। नदी के जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।
गंगा घाट और किनारों पर जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम तैनात हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर पर निगरानी बनाए हुए हैं। नगर निगम अंतर्गत त्रिवेणीघाट, 72 सीढ़ी, साईंघाट और नावघाट, नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला अंतर्गत स्वामी नारायण घाट, पूर्णानंद घाट, शत्रुघ्न घाट, हनुमान घाट, दर्शन महाविद्यालय घाट और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत संत सेवा घाट, लक्ष्मीनारायण घाट, भागीरथी घाट, भारत साधु समाज घाट, परमार्थ निकेनत घाट, गीताभवन घाट, वानप्रस्थ घाट, वेदनिकेतन घाट समेत विभिन्न गंगा घाट और किनारों पर स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को रोका जा रहा है।
श्यामपुर और रायवाला के ग्रामीण तटीय क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। गंगा के जलस्तर में हो रहे उतार चढ़ाव के कारण रविवार को गंगा चेतावनी रेखा 339.50 से मात्र 85 सेमी नीचे 338.65 मीटर पर बह रही थी।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 338.70 मीटर, सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 338.80 मीटर, दोपहर 2 बजे 338.70 मीटर और शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 338.65 मीटर हो गया।